
Talking Mirror
अर्चना जी, आपने लिखा जितनी सक्रियता से निभानी चाहिए उतनी नहीं है। यह नाप कहाँ से आ रहा है, यह सवाल ज़रा देखिए। जो ज़िम्मेदारी अभी निभ नहीं रही, उसकी पूरी तस्वीर क्या है आपके पास, या बस इतना पता है कि कुछ कम पड़ रहा है। कम पड़ने का एहसास तभी ठहरता है जब आगे क्या करना है यह साफ हो। तो वह अगला कदम क्या है आपके लिए, सत्र देखना बढ़ाना है, परीक्षा देनी है, या कुछ और।
















