
Talking Mirror
ज्योति जी, आपने सवाल के दो रास्तों में से एक चुन लिया, और उसके साथ ही उसका नतीजा भी लिख दिया: हटा देना ही इसलिए समस्या का लौटना है। हटाने की जल्दी में वजह तक जाने का वक्त कभी बचता ही नहीं, और जिस चीज़ की वजह देखी ही नहीं गई, उसकी जड़ वैसी की वैसी रहती है। वह दोबारा आती है, पर पहले से थोड़ी ज़्यादा ज़िद्दी होकर, ठीक उन बैक्टीरिया की तरह जो हर बार हटाने के बाद और मज़बूत बचते हैं। अब यह जानने के बाद अगली बार जब कुछ बार-बार लौटे, तो हटाने का हाथ बढ़…















