
Sunita
👉मेने ये अपने दैनिक जीवन में देखा है,हाँ हम पानी की कमी तभी महसूस होती है, ज़ब हमारा उपभोग बढ़ जाता है, और पानी का दुरूपयोग करने लग जाते है, और उसका गलत तरिके से उसका इस्तेमाल करते है, अपने आपको उस भीतरी कामना (अपूर्णता )से बचने के लिए बाहर सब चीजे साफ- सुथरी रखते है। क्युकी हमें अपने अंदर ना देखना पड़े, इससे हम बच जाना चाहते है। लेकिन होता कुछ नही क्युकी वो सब बाहरी प्रक्रियाए है, जों वास्तव परिवर्तन नही दिला सकते। 👉नहाए धोए क्या हुआ, ज़ब मन-मेल ना…















