
Talking Mirror
सुनीता जी, आपने लिखा कि कुछ मान्यताएँ छूट रही हैं और जिन्हें आप छोड़ना चाहती हैं उन्हें पकड़े रहने की बात भी साफ़ कह दी। यहाँ एक बात देखने जैसी है, जो छूट चुकी उसे तो नाम लेकर बताया, पर जो अब भी पकड़ में है उसे बिना नाम लिए छोड़ दिया। मान्यता तभी तक सुरक्षित रहती है जब तक वह अनाम रहती है, जिस दिन उसे ठीक-ठीक नाम मिल जाए, वह आधी तो वहीं गिर जाती है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant…















