
Yogesh Sakhare
क्या आपने कभी किसी व्यक्ति या परिस्थिति के बारे में अधूरी जानकारी के आधार पर राय बना ली और बाद में सच्चाई जानकर अपना निष्कर्ष बदलना पड़ा ? अपना अनुभव टिप्पणी में साझा कीजिए। अभी जो मैं महाराष्ट्र पैदल चल रहा हूं तो जो एक एक कदम आगे बढ़ा रहा हूं तो मेरी जो राय इस राज्य के स्थिति के बारे में मैंने पकड़ रखी थी वह धीरे धीरे टूट फूट हो रही हैं। जैसे मुझे जो कुछ मिला है जीवन में उसमे सबकुछ संयोग से हैं। यह बात अब हर जगह को देखते देखते दिख रही हैं। आचार्…















