
Shashi
मै को नही बचाएगी ।उसके पार देखने की लगातार कोशिश करूगी ।
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मै को नही बचाएगी ।उसके पार देखने की लगातार कोशिश करूगी ।

शशि जी, यह कहना कि कोशिश लगातार करती रहूँगी, अपने आप में ईमानदार है। पर ज़रा देखिएगा, यह जो निश्चय बना है वह किसी एक क्षण के देखने से नहीं, भविष्य के किसी वादे से बना है। बल आज देखने का चाहिए, अभी की उस पकड़ को देखने का, न कि आगे लगातार कोशिश करने की गारंटी देने का। कोशिश जारी रखने का संकल्प भी अगर आज के देखने की जगह ले ले, तो वही मैं फिर एक नए रूप में खड़ा हो जाता है, इस बार साधक के वेश में।