विशाखा जी - 6-7 साल से घर से बाहर हैं। पहले CA की पढ़ाई - सोचती थीं यही जिंदगी है। "यूट्यूब वो दिखाता है जो आप देखना चाहते हो - गीता सत्र वहां ले जाता है जहां आप सही समझ पाते हैं।” 🔷 आचार्य जी ने सिखाया - कोई भी एक चीज जिंदगी नहीं बन जानी चाहिए। विचार खुले। वीगन बनीं। सोलो ट्रैवलिंग शुरू की। 🔷 अब राइफल शूटिंग कोच हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास्टर्स कर रही हैं। घरवाले भी वीगनिज्म को लेकर जागरूक हो गए। जुड़िए गीता सत्र से - और अपने विचारों…





































