
Parmeshwari
हाँ यह बात सही है कि हमारे साथ जो कुछ भी घटित होता है। उसमें से कुछ ही पल ऐसे होते हैं ,जो कि हमारी मनःस्थिति भुलाने नहीं देती और हम कुंठित हो जाते हैं ।जबकि होना ये चाहिये कि हम ग्यान और आत्मावलोकन के द्वारा इस कुंठित मन से बाहर निकलें ,और एक बेहतर इंसान बने।और जब आप इतने सक्षम हों तो आप स्वयं से ऊपर उठकर एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं ।इस घटना में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था, परंतु इससे ज्यादा तो यह हुआ कि उन्होंने अपनी मौजूदगी दिख…















