
Jyoti
मैंने स्वयं के साथ कई बार देख की मैं गीता सत्र में भजन इसलिए सुनना इसलिए स्वीकार करती हूं कि अनुपस्थिति न दिखे सत्रों में। और कई बार जब सोशल मीडिया पर अपनी पिक्चर डालूँ तो भी इसमें एक छिपी हुई कामना यह होती है कि प्रदर्शित हो पाऊं। यही अहंकार की साजिश है। वो इसी से की मैजिंदा हूं। का दावा कर पाता है।















