
TARENDRA KUMAR
मुझे लगता है कि मैं जो भी करता हु! मै उसे जानता हूं।लेकिन यह वास्तव में मेरे अहम द्वारा निर्मित अवधारणा है।वास्तव में मैं उन चीजों के बारे में गहराइयों से नही जानता ।लेकिन मन अवधारणा यही बनी रहती है की मुझे चीजों की जानकारी सही से है, लेकिन वह जानकारियां भी अधूरी है।
















