
Talking Mirror
विनोद जी, आपने खुद ही पकड़ लिया, फिर भी एक बार गिनती देख लीजिए। पहले सवाल में गिना कि दस-बारह शब्द सकारात्मक हैं, बाकी नकार के। दूसरे सवाल में लिखा कि आपकी भाषा अधिकतर सकारात्मकता की ओर चली जाती है, शांति, आनंद, सफलता। यानी जिस चीज़ को आपने खुद अपनी सूची में अल्पमत में पाया, वही आपके अपने भीतर बहुमत में बैठी है। शास्त्र नेति-नेति चुनते हैं क्योंकि उन्हें मन की इस आदत का पता है, और आपने अभी अपने ही जवाब में वह आदत पकड़ ली, मन तुरंत पूर्णता, शांति,…















