
Pranjal
वो पहचान मेरी हस्ती है। अगर उनके टूटने के भी आसार लगते है तो डर उठने लगता है। क्योंकि मानसिक रूप से बड़े जुड़े हुए और बहुत लंबा अभ्यास भी है। मैने देखा है कि जब भी मेरी किसी हस्ती पे चोट पड़ती है तो मै बहुत डर–सा जाता हूं और बेचैनी उठने लगती है शरीर में। इसीलिए ये सवाल पूछना "कि मैं कौन हूं?" ही खतरनाक लगता है।















