हां , जो हम भालू के साथ कर रहें हैं वही प्रवृति दूसरो के साथ भी दोहरा रहे हैं मानव जाति…
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Sonam
हां , जो हम भालू के साथ कर रहें हैं वही प्रवृति दूसरो के साथ भी दोहरा रहे हैं मानव जाति इतनी स्वार्थी हो गई है कि वह अपने फायदे के लिए जाने अंजाने में किसी न किसी जीव की जान लेती रहती है