यह भी सती जैसी ही एक कुप्रथा का उदाहरण लगता है, जहाँ अपने दुःख को समाज के सामने प्रदर्शित…
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Shilpa Deshmukh
यह भी सती जैसी ही एक कुप्रथा का उदाहरण लगता है, जहाँ अपने दुःख को समाज के सामने प्रदर्शित करना आवश्यक मान लिया जाता है। इसमें मरने वाला तो मर जाता है, लेकिन जीवित व्यक्ति को यह साबित करना पड़ता है कि वह बहुत दुखी है।