
उनको सिर्फ सैन्य अधिकारी के माध्यम से एक संकेत मिला और वहाँ से उन्होंने नेत्रबाधित लोगों के लिए पढ़ाई आसान बना दिया। हमारे जीवन में बहुत छोटी कठिनाई होती है। हमें आचार्य जी मिले, गीता app मिला है, फिर भी हम आगे बढ़ नहीं पा रहे हैं। भीतर स्वार्थ भरा हुआ है, डरे हुए हैं हम।
















