
Sanjay kumar Singh
हम सच को जांचने की जरूरत ही महसूस नहीं करते हैं। क्योंकि हमें हमारी मान्यताओं को ही सही ठहरना होता है । मान्यता जब तक सही नहीं ठहरती तब तक हम जांच पड़ताल करते हैं , मान्यता सही साबित हो जाती है, फिर उसके आगे हमारी जांच पड़ताल बंद हो जाती है।















