
Pankaj Kumar
हाँ। अगर मैं और भीतर तक उतरना चाहते हैं, तो वैन गॉग के उदाहरण को केवल प्रसिद्धि की कहानी न बनाकर “अपने मूल्य को दूसरों की नजर से न मापना” इस विचार से जोड़ सकते हैं। उदाहरण 1 — जब दुनिया नहीं पहचानती, तब भी सृजन वैन गॉग की कला को उनके जीवनकाल में वह सम्मान नहीं मिला जो बाद में मिला। फिर भी उन्होंने चित्र बनाना जारी रखा। जैसे कोई दीपक इस प्रतीक्षा में नहीं जलता कि कोई उसकी रोशनी की प्रशंसा करे—वह अपने स्वभाव से जलता है। उसी तरह सच्चा कलाकार अपनी…















