
Surendra jadam
हो सकता हे वो चीज या की कुछ भी मूल्यवान ही कियू ना हो लेकिन इससे भी जरूरी ये होता हे कि उससे इतनी आसक्ति कियू एक बार के लिए ये भी तो हो सकता हे अगर में या बंदर की बात कर रहा हु एक बार तो ये भी हो सकता हे अगर मेरी जान बच गई तो ये चावल वापस भी तो मिल सकते उसे ये पता भी हे फिर भी अंहकार की पकड़ देखी जा सकती हे या की कितनी मजबूत हे अपनी सुविधा सुरक्षा अपना बचाव करने के लिए बंदर एक बार के लिए सोच भी लेता कि ठीक जान हे तो चावल तो फिर मिल जाएंगे लेकिन…















