
Uma Soni
swatantr भावना बनाए रखने की नीयत ही उसे स्वत्वभावना रहने का अधिकार प्रदान करती है। वैसी मुंडा की तपस्या कहीं भी बेकार नहीं जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने जो प्रयास किया है, वह शty है और प्रेरणा प्रद है, जिसका हमें सम्मान करना चाहिए और स्वत्वभावना की नीयत बरकरार रखते हुए अपने अहंकार को विगलित कर देश के लिए उच्चतम संभावना तक पहुँचना चाहिए। धन्यवाद आचार्य जी। 🙏❤️















