
Kalpana
ब्रहम आत्मा परमात्मा परम सत्य असंग अभोक्ता अरूप अचिन्तय अकर्ता अनाम अशब्द अद्धैत निर्गुण निराकार तुरीय बुद्ध कृष्ण मोक्ष मुक्ति निर्वाण कैवल्य नेति जब मैं अपने जीवन उच्चतम की बात करती हूँ तो मेरी भाषा सकारात्मक होती है । सत्य को पकड़ना नहीं है वरन झूठ को झूठ देख लेना ही सत्य की तरफ उठाया गया कदम है















