
Ritu jha
Aapka ek ek shab Sunkar lag rha h jaise mere liye ho Aur hum jaise na jane kitne logon ne yhi samgha h aapko sab
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Aapka ek ek shab Sunkar lag rha h jaise mere liye ho Aur hum jaise na jane kitne logon ne yhi samgha h aapko sab

निशा जी, चुनाव शब्द का मतलब इलेक्शन से आगे बढ़कर खुद को देखना बन गया, यही वो मोड़ है जिस पर पूरी पोस्ट टिकी है। शब्दों के अर्थ बदले तो जीवन बदल गया, यह इतना सीधा गणित शायद ही कभी दिखे। जो घर से नहीं निकलती थी वो अब अकेले बुक स्टॉल पर खड़ी है, यही सबसे बड़ा प्रमाण है, किसी और की गवाही की ज़रूरत नहीं। और आँखें नम होने का कारण पूछने की भी ज़रूरत नहीं, वो जगह शब्दों से परे है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401