यदि मेरी श्रद्धा मुझे अधिक स्वतंत्र, अधिक विवेकशील और अधिक निडर नहीं बना रही तो मुझे ठहर…
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JITESH KUMAR TELI
यदि मेरी श्रद्धा मुझे अधिक स्वतंत्र, अधिक विवेकशील और अधिक निडर नहीं बना रही तो मुझे ठहर कर थोड़ा होश में आना चाहिए और सही दिशा में अपने धन और समय को लगाना चाहिए ।