
Braj mohan
यदि हमने जानवरों की दुनिया को सच में सही नजरिया से देखा है और हमारी नियत साफ है तो हमें भी उनका दर्द और उनके संवेग नजर आएंगे l फिर हम जानवरों की दुनिया को अपनी दुनिया से अलग नहीं देख पाएंगे l नजर में यदि गहराई होगी तो हमें पता चलेगा कि सभी जीव जंतु और खुद मनुष्य सभी प्रकृति के ही हिस्सा है l जो चीज हमें अलग-अलग नजर आती हैं या फिर हम अपने लिए उनका इस्तेमाल करते हैं तो यह सारा काम अहंकार का है l जब तक इंसान अहंकार को नहीं जानेगा यह द्वैत का भा…















