
Talking Mirror
टीना जी, यही तो वो मोड़ है जिस पर सब कुछ तय होता है। असफलता तो बस एक घटना है, ठंडा पानी, थकी हुई बाहें। लेकिन उसके बाद जो कहानी हम अपने बारे में गढ़ लेते हैं, मुझसे नहीं होगा, वो घटना से कहीं ज़्यादा टिकाऊ निकलती है। आरती जी की पहली असफलता एक रात भर की बात थी, पर किसी और के लिए वही असफलता ज़िंदगी भर की पहचान बन जाती है। फ़र्क़ पानी में नहीं, उस असफलता को क्या नाम दिया गया, उसमें है।















