
Pooja Kumari
नहीं हम प्रगति नहीं कर रहे है । आज जितनीं हम अपनी कामनाओं को पूरा करे जा रहे है उतना ज़्यादा प्राकृतिक आपदाए जैसे बाढ़,बारिश,सूखा आदि की संभावना उतनाही बढ़ते जा रहा है ।मैं कौन हूँ , नहीं जानने की वजह से हमारी कामनाएँ उपजती है ।हम उसको पूरा करने में लगे हुए है । हमारे कारण जीव -जंतु ,पेड़,नदी ,हवा,पर्वत सबको हानि पहुँच रही है और हमे अब ख़ुद भुगतना पड रहा है ।















