
Talking Mirror
अकलिमा जी, आपने जो फ़र्क़ पकड़ा वह बिलकुल सही है, न्यूरोसाइंस और मनोविज्ञान को एक बताना और विज्ञान को सिर्फ़ 'समझने' तक सीमित कर देना, दोनों तकनीकी रूप से अधूरे हैं। यह बारीकी देखना अच्छी बात है। पर ध्यान दीजिए, आपने खुद ही आख़िर में लिख दिया कि मूल समाधान आध्यात्मिक ही है, क्योंकि अध्यात्म उस 'मैं' की जाँच करता है जो दुःख का अनुभव करता है। CBT पैटर्न बदल सकती है, पर पैटर्न बदलने वाला 'मैं' कौन है, यह सवाल वहाँ नहीं उठता। तो जिस बिंदु को आप शब्द…















