
Nitesh pal
🌿 हमारे भीतर की भूख कभी नहीं मिटेगी चाहे हम जितना भोग कर ले पृथ्वी की वस्तुओं का लेकिन हमें संतुष्टी नहीं मिलेगी, जब तक हम अपने भीतर के सभी कामनाओं को देखने और भोग के बाद परिणाम के बारे में जानने और समझने की साफ नियत नहीं रखेंगे।
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