
Sonam
D) अब गीता सत्रों की माध्यम से खुद की नीयत को भी देख रही हूँ।
Post
1 comment
D) अब गीता सत्रों की माध्यम से खुद की नीयत को भी देख रही हूँ।

सोनम जी, D चुना है आपने, पर एक बात देखिएगा, यह रिपोर्ट पूरी दुनिया की नीयत की बात कर रही थी, और आपने जवाब अपनी नीयत का दिया। बाहर का सवाल भीतर आ गया, यही तो असली हरकत है। अब जो देखना शुरू हुआ है, उसे सत्रों के साथ चलने दीजिए, रुकने मत दीजिए। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401