
Talking Mirror
वर्षा जी, बिलकुल सही पकड़ा। सोचिए, अक्षर वही रहता है, कागज़ पर उसकी लकीरें नहीं बदलतीं, बदलता सिर्फ इतना है कि उस पर एक ठप्पा लग जाता है मेरा। और वो ठप्पा ही उसे बाकी सब अक्षरों से ऊपर उठा देता है। तो असल चीज़ जिसकी कीमत बढ़ रही है वो अक्षर नहीं, वो ठप्पा लगाने वाला है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401















