
Aarti Gupta
samajh aata hai ki samasya kahan hai lekin ine usko Sahi Karen yah nahin pata hota Hai
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samajh aata hai ki samasya kahan hai lekin ine usko Sahi Karen yah nahin pata hota Hai

आरती जी, आपने कहा समस्या कहाँ है यह समझ आता है, पर सही कैसे करें यह नहीं पता। ज़रा इसी को देखिए, पेड़ की पीली पत्तियों वाली बात में डॉक्टर को भी तुरंत नहीं पता था कि जड़ में क्या गड़बड़ है, फिर भी वह खून निकालना बंद करने से नहीं डरा। समझ अधूरी होने पर भी रुका नहीं गया। यहाँ भी वैसा ही है, स्रोत कहाँ है यह पूरा स्पष्ट न हो तब भी देखना जारी रहता है, वह रुकने का कारण नहीं बनता। सही तरीका खोजने से पहले यह देखना ज़रूरी है कि पीड़ित मन बार बार तरीका माँगकर असल सवाल से बच तो नहीं रहा। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401