
YASH SAHU
अपनी थाली का तो नहीं, पर पहला ख़याल उस मूल समस्या की ओर कम जाकर उस दिहाड़ी करने वाले की तरफ जाता है, जो रोज कमाकर, रोज की अपनी थाली की व्यवस्था करने का जद्दोजहत करते हैं। उन बेकसूर बेजुबान पशुओं की ओर जाता है, जो इस कमी के कारण बेवजह शिकार होने वाले हैं। वास्तव में मूल कारण खाद्यान की कमी का नहीं, हमारी भोगने की आदत के कारण होने वाले जलवायु परिवर्तन का ही है।















