
Saloni
मैं सोचती थी पहले की घर वालें पढ़ाएंगे तभी तक मै पढ़ पाऊंगी लेकिन, अब ऐसा नहीं है मैं अब अपना पढ़ाई का खर्चा खुद उठाती हूं। अब मुझे अपनी छोटी छोटी जरूरतों के लिए किसी से पैसा नहीं मांगना पड़ता है। इसी प्रयास से मैं आगे बढ़ना चाहूंगी।
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