
sunita barnwal
भीतर की चाहतें मतलब अहंकार इतना भूखा है कि पूरा धरती भी खा ले तो भी पेट नहीं भरेगा? चाहतें तृप्ति की बाहर के संसाधनों पर दबाव बनायेगा, नई-नई तकनीक से उसे भोग करेगा। पर उसकी समस्या कभी नहीं जानना चाहेगा। जब सच्चाई हम जानने लगते हम अपनी जरूरत तो दिखने लगते हैं तो धरती भी सुरक्षित होने लगती है।















