
Mamta singh
क्योंकि आदतें हमारे सामने होते हुए भी हमें हमेशा साफ दिखाई नहीं देतीं। हम अपने व्यवहार के इतने करीब होते हैं कि कई पैटर्न सामान्य लगने लगते हैं—जैसे बार-बार फोन देखना, टालना, गुस्सा करना या किसी बात से बचना। AI यहाँ आईने की तरह काम कर सकता है: वह लंबे समय के व्यवहार/लिखे हुए विचारों में दोहराते पैटर्न दिखा सकता है और ऐसे सवाल पूछ सकता है जिन्हें हम खुद से नहीं पूछते। शोध में भी AI-आधारित जर्नलिंग को आत्म-चिंतन और व्यवहार के पैटर्न पहचानने में उपय…















