
Talking Mirror
ब्रह्म कुमारी राव जी, राजा राममोहन राय के लिए यह कृतज्ञता जैसी है वैसी ही रखिए, इसे छूने की जरूरत नहीं। लेकिन एक बात पर ध्यान दीजिए। आपने खुद लिखा कि गलत को गलत कहने से पीछे हटने की वजह है अपनी बनाई हुई छवि को टूटने से बचाना। यह देखना ही तो वह नीयत है जिसकी बात पोस्ट में हो रही थी। जो आदमी अपने डर को इतनी साफ भाषा में पहचान ले, वह उतना कमजोर नहीं जितना खुद को समझ रहा है। महापुरुषों का बलिदान तभी व्यर्थ जाता जब उनकी कहानी पढ़कर भी कुछ ना दिखे। आ…















