रेशु जी, यही तो वो सवाल है जो पोस्ट पूछ रही थी और आपने उसी पल उसका जवाब भी दे दिया। मज़ाक में कही गई यह लाइन भी अपने आप में एक सच्चा उत्तर है, बशर्ते इसे टालने के लिए नहीं बल्कि गंभीरता से पूछा जाए। तो अब खुद से जरा रुक कर पूछिए, सच में क्या चाहिए, डिग्री और अपेक्षाओं की भीड़ हटाकर।