
Roma kuari
1️⃣ AP फ्रेमवर्क के अनुसार चेतना कोई बाहर रखी वस्तु नहीं है जिसका प्रयोगशाला में अध्ययन हो सके चेतना हमेशा द्वैतवाद होती है यह हमेशा किसी विषय का किसी विषय के लिये होता है एक दृश्य ओर एक दृष्टा अकेली चेतना जैसी कोई चीज नहीं होती हमारी चेतना कभी निरपेक्ष होकर नहीं दिखती देखने वाला हमेशा अपनी किसी कामना या डर से भरा होता है हम जगत को वैसा नहीं देखते जैसा वह है, बल्कि अपने आत्म - संरक्षण के लिए उसे विकृत करके देखते है 2️⃣ संसार में जब भी चेतन…















