
Devesh Kumar Kaushik
उपनिषद् कहते हैं कि विद्या (अहंकार का ज्ञान) और अविद्या (संसार का ज्ञान) के आत्मज्ञान संभव नहीं है। तो विद्या का ज्ञान जो हमें देता है उसे कहते हैं—गुरु, और अविद्या का ज्ञान जो हमें देता है उसे कहते है—शिक्षक।
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उपनिषद् कहते हैं कि विद्या (अहंकार का ज्ञान) और अविद्या (संसार का ज्ञान) के आत्मज्ञान संभव नहीं है। तो विद्या का ज्ञान जो हमें देता है उसे कहते हैं—गुरु, और अविद्या का ज्ञान जो हमें देता है उसे कहते है—शिक्षक।