
Ved Prakash
जान,, मार डाली है मैंने अपने अपने संबंधियों की मैंने इसी आदत से । खुद ही जुड़ता हूं.... बिना उसके बारे में कुछ सोचे विचारे बस खुद की अपेक्षाओं की लिस्ट से देखना शुरू कर देता हूं। केंद्र में सामने वाला कभी होता ही नहीं, होता है तो बस अपनी लिस्ट। जब सामने से अपेक्षा पूरी नहीं होती तो,, ब्लास्ट 🔥🔥















