
Vinit
🕊️अच्छे का मतलब " खुद को समझते भी हो" जो खुद को समझता हो ,सही नियति से हर काम ,वस्तु ,भावनाओं को देखता हो ,फिर वो जो कुछ भी करेगा वो सही ही होगा। ☘️और जो दूसरों की बातों के लिए अपने विचार और विवेक को दबाता हो वो कहा से अच्छा होगा ,वो तो गुलाम होगा । मुझे तो लगता है आज जो अध्यात्म से नहीं जुड़ा है शायद वो दूसरों के विचारों का गुलाम ही होगा , जैसे मै था आचार्य जी से जुड़ने से पहले।















