
Nilam Maurya
पढने के बाद मुझे यह समझ आया की।परिधान निर्यात और ऐसी चीज जो प्रकृति को नुकसान पहुंचा रही है। इसे सही समय रहते नहीं रोका जाएगा तो एक समय ऐसा आएगा की मनुष्य द्वार जो निर्मित की गई जहरीली गैस ,कार्बन डाइऑक्साइड का घनत्व बढ़ता जाएगा और एक समय ऐसा आएगा कि ऑक्सीजन की मात्र कम होते जाएगी और इस तरह पृथ्वी पर रहने वाले जीव जंतु और मनुष्य की हालत बहुत खराब हो जाएगी मनुष्य द्वारा की गई खराब करनामो के करण वे वेजुवन जनवारों को भुगतान पड़ेगा जिसका कोई कशुर…















