
रीना जी, दो घंटे रोज़ रात को एक बच्चे को समझाने जैसे धैर्य से पत्नी को समझाना, बिना थोपे, यह अपने आप में एक तस्वीर है जो हिमानी की किसी भी पेंटिंग से कम नहीं। पति की वो निरंतरता, आपका खुला मन, और फिर घर में जो विवेक फैला, ये सब जुड़ा हुआ है। हिमानी के पुरस्कार तो दिखते हैं, पर असली स्पर्धा जो घर के भीतर जीती गई वो किसी दीवार पर नहीं टंगेगी। बस वो जानते हैं जो जी रहे हैं। 🙏

















