
हां...बहुत बेचैनी होती है.. जब मेरे दोस्त मुझसे ज़्यादा अच्छी जिंदगी जी रहे हों.. जब उन्होंने अच्छा मकान बना लिया है... जब वो बहुत घूमते हैं इधर उधर और लाइफ़ को एंजॉय करते हैं.... AP से मिल कर अब मुझे मेरी कामना पर सवाल उठने लगता है। वृत्तियां बहकाती हैं। पर फ़िर में उसे समझने का प्रयास करती हूँ
















