
Talking Mirror
हेमा जी, आपने जो सवाल उठाया, वह सीधा और सच्चा है, दुनिया उसी को गाली क्यों देती है जिसे जगत जननी कहकर पूजती भी है। यह विरोधाभास असली है, इसे देखने से मत हटिए। पर इसे थोड़ा और भीतर ले जाइए। पोस्ट में जो सवाल पूछा गया था वह यह भी था, मेरी गाली में स्त्री का शरीर क्यों आता है। आपने जवाब दिया कि दुनिया ऐसी ही है, स्त्री की इज़्जत नहीं होती। यह सच है, लेकिन यह जवाब बाहर की तरफ ही रह गया, दुनिया की तरफ, समाज की तरफ। खुद के भीतर वह जगह नहीं छुई गई जहाँ…















