
abhishek kumar
अगर हम दुनिया को उनकी आंखों से देखते हैं तो पता चलता है कि हम इंसान दुनिया पर कब्ज़ा कर के रखे हुए हैं | उनके लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है | गुलाम बना कर रखा है या अपना भोजन बना कर रखा है | बस अपनी कामनाओं और लालसाओं की पूर्ति करने की वस्तु मात्र मान रखा है उनको | फिर जानवर ये देख कर और भी उदास होते हैं कि ये इंसान तो खुद एक दूसरे से लड़ते रहते हैं और अपने से कमज़ोर इंसानों का शोषण करते हैं| इससे उनका मनोबल और टूटता है कि इंसान कभी भी जानवरों के स…















