
Santosh Kumar Singh
? जिस मान्यता पर मैं सवाल नहीं उठाता, क्या वही मेरे भीतर की सबसे गहरी मान्यता है? 🌀हमारे यहां पूजा में खस्सी के वलि की प्रथा अभी भी समान्य रूप से जारी है। गीता मिशन से जुड़ने के बाद मेंने भी किनारा किया है। लेकिन विरोध नही किया है। 🌀 शादी विवाह, व्रत उपवास, दुर्गा पूजा, दिपावली, रक्षाबंधन, छठ, होली जितने भी कर्म और त्यौहार है। सब को मनाने वाला अहम है। और समाज और परिवार की मान्यता की ओट में वह अपना बचाव करता है।















