
Aman Naman
❓बाबा बुल्लेशाह के लिए “मैं कौन?” एक खुला सवाल है। हमारे लिए अपने बारे में कोई जवाब तय कर लेना इतना ज़रूरी क्यों हो जाता है? हमारे लिए अपने बारे में कोई जवाब तय कर लेना इतना ज़रूरी हो जाता है। क्योकि अहंकार का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता है वह लगातार विषय को पकङता है और उसे अपना पहचान बना लेता हैं।















