
Shridarshan
यहाँ पर जिस स्वामित्व प्रभाव की बात की है उसका उपयोग घरों के, गाड़ियों के विज्ञापनों में भी होता है पर अधिक सूक्ष्म तरीखे से। इसे शायद वर्चुअल ओनरशिप कहते है। यहाँ पर कहाँ जाता है की " आज ही आपने सपनों का घर खरीद ले ", " आज ही अपनी मनपसंद कार ख़रीदे ", इत्यादि और देखते देखते हम अपने आप कों उस वस्तु के साथ कल्पित करने लगते है यानि वस्तु खरीदने से पहले ही " मेरी " हो गई। अब उसे खरीदने की संभवना और बढ़ जाती है। इसीलिए हम देखते है की बहुत सारी कम्पनियाँ…















