Sangita moteTranslate to Englishप्रकृति का विनाश हमारी वास्तविक ज़रूरतों के कारण नहीं, बल्कि हमारे भीतर छिपी असीमित इच्छाओं और उपभोग की अंधी दौड़ का सीधा परिणाम है।