
Pooja
सच को देखना अक्सर हमारी पहचान और धारणाओं को चोट पहुँचाता है। हम हालात को बदलने से पहले अपनी मान्यता बचाना चाहते हैं। इसलिए जो सामने है, उसे देखने के बजाय हम वही देखते हैं जो हम सही मानना चाहते हैं। असल साहस तब है, जब हम अपने मन की कहानी नहीं, स्थिति को जैसी है वैसी देखने की हिम्मत करें।*















